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☀️दरिया बनकर किसीको 🌤डुबाने से बेहतर है, की जरिया बनकर किसीको🌤 बचाया जाए !☀️ ⛈⛈⛈⛈⛈⛈⛈⛈⛈⛈⛈ बेस्ट सुविचार 💫💫🪐😊😊😊😜😊😍😍🤔🤗💪💪🤘 Contact -. 1- @Vaibhav100 2- @anshuman5555
जिंदगी आप पर हंसती है,
जब आप दुःखी होते हैं,
जिंदगी आप पर मुस्कुराती है,
जब आप खुश होते हैं,
लेकिन जिंदगी आपको
सलाम करती है जब आप
दूसरों को खुश करते हैं।
दिल साफ होगा तो हर
गुनाह माफ होगा क्योंकि
हिसाब तेरी कमाई का नहीं,
तेरे कर्मों का होगा...।
हादसों से डर गए..??
क्या आदमी हो यार...
जिंदगी भी हादसा है,
हादसा ही जिंदगी है,
मत डरो जियो चलो,
लड़े चलो गिरे चलो,
गिरे चलो उठे चलो,
है जिंदगी पुकारती,
कदम कदम संभालती,
उठो मेरे सिपाहियों,
लड़े चलो लड़े चलो,
आदमी से डर गए,
नेताओं पर मर गए,
भाषणों को सत्य मान
सही गलत सब कर गए..?
ग़लत अभी सुधार लो,
किताब लो किताब लो,
कलम का दामन थाम लो,
ज्ञान का ही नाम लो,
उठो मेरे सिपाहियों,
लड़े चलो लड़े चलो,
पहले तुम्हें गिराएंगे,
फिर पैर काटे जाएंगे,
मरहम बंटेगा मुफ़्त फिर,
बैसाखी होगी गिफ्ट में,
ये जान लो तो ठीक है,
समय अभी गया नहीं,
उठो मेरे सिपाहियों
लड़े चलो लड़े चलो..!!
ये कशमकश मुझे रोज़ रात खाए जाती है साक़ी,
ये मेरा चाँद मेरी बाहों में क्यों नहीं आता आसमां में क्यों रहता है,
ये सितारों की भंवर टोली क्यों पड़ी रहती है उसके पीछे,
मैं बता रहा हूं मेरा कलेजा फटता है उन्हें आसपास देखकर,
शायद मुझे जलानें के लिए करते होंगे ये लोग ऐसा,
मैं नहीं शामिल हूं इस खेल में, मैं हारा, तुम सब मुझे परेशान ना करो, दूर रहो उससे,
हां ठीक है वो अकेली हो जाएगी, मैं समझता हूं,
पर तुम सब उसे भाभी मानो और इज़्ज़त दो, काम से काम रखो,
ध्यान रखो मैं मेरे ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ रोज़,
उसपर बुरी नज़र होते है तुम्हें पाप लगेगा,
मैं रोज़ देखता हूं छत से,
दूरी नापी है तुम एक एक तारों की मेरी चन्दा से,
इससे ज़्यादा करीबी सहूंगा नहीं बताए देता हूँ,
चलो अब मैं सोता हूं बहुत रात हो गई है,
सब कान बंद करो उनसे कुछ कहना है,
सुनो तुम कहीं जाना मत मै कल फिर आता हूं,
और याद है ना मैं तुमसे प्यार करता हूं...!!
पानी की बूंद जब
समुन्दर में होती है
तब उसका कोई
अस्तित्व नहीं होता,
लेकिन जब वो बूँद
पत्ते पर होती है तो
मोती की तरह चमकती है।
आपको भी जीवन में
ऐसा ही मुकाम हासिल करना है।
हमेशा मोती की तरह चमको
क्योंकि भीड़ में पहचान दब जाती है।
"एक पिता के मन के विचार"
उसके विचारों से मै जुड़ा हूं,
खुद से मै उसके लिए लड़ा हूं,
लड़खड़ा जाता हूं अक्सर मैं
पर उसके साथ परछाई सा खड़ा हूं,
वो अक्सर रूठ जाता है मुझसे,
अपनी जिदों पर ही वो चला है,
उसके तीखे व्यवहार से मै जुड़ा हूं
उसके लिए मैं खुद से ही लड़ा हूं।
एक किताब लिखूंगा.
"में लिखूंगा तुम्हे और बेहिसाब लिखूंगा
कुछ पंक्तियां नहीं पूरी एक किताब लिखूंगा
तुम जो ये सोचते हो की मे भूल जाऊंगा तुम्हें
माना सीधा साधा लड़का हूं, लडूंगा नहीं पर इश्क में मिले हर दर्द का हिसाब लिखूंगा. "👆
तेरे नए इश्क़ की नई कहानी मुबारक हो...तेरे आशिक को तेरी जवानी मुबारक हो....तु वो जाम हैं जो लगाया करता था मैं अपने होठों से....
तेरे नए आशिक को मेरा जूठा पानी मुबारक हो!🥀💔
अब मैं एक छोटे-से घर
और बहुत बड़ी दुनिया मे रहता हूँ,
कभी मैं एक बहुत बड़े घर,
और छोटी-सी 'दुनिया' में रहता था..!!
-- कुँवर नारायण
तुम हो तो लगता है,
जगमग करता ये मेरा मन,
साथ में सुख दुख बांटे तुमसे,
नहीं कोई ख्वाहिश अब उस रब से
खुशियां सारी साथ मनाली,
मानो हर दिन रहती मेरी तुमसे दिवाली।
दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं 🪔🎇
🎆 माँ लक्ष्मी की कृपा आप पर और
आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🎆
🎇धनतेरस की हार्दिक शुभकामनायें...✨
🎆
✨ 🎆
डोर लंबी हो इसका मतलब यह नहीं की
पतंग बहुत ऊपर तक जाएगी,
उड़ाने का तरीका आना चाहिए।
दौलत ज्यादा होने का मतलब यह नहीं की जीवन सफल है,
जीने का सलीका आना चाहिए।
मनुष्य के पास सबसे बड़ी पूंजी है,
"उनके अच्छे विचार"
क्योंकि धन और बल किसी को भी
गलत राह पर ले जा सकते है।
किन्तु अच्छे विचार सदैव ही
अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित करेंगे।🌷🌹🙏
किरायेदार बहुत हैं, बड़े शहरों के आंचल में,
सभी को अपना लेती है, ये मिट्टी अपनें आंचल में,
कहीं है दूर घर लेकिन यहां तो यही घर है एक,
थकान जिस्म की हो या ज़हन की, मिटा देती है आंचल में,
कभी आंसू की बारिश हो या खुशियों का सावन हो,
समेट कर सब कुछ, अपना बना लेती है आंचल में,
कभी मां बाप कभी भाई कभी बहनों सी लगती है,
बढ़ा देती है ताक़त और नाकामियां छुपा देती है आंचल में..!!
"इज़हार करु, क्या तुम हाँ करोगी"
कुछ कहूँ , क्या तुम सुनोगी।
मेरी नज़्मों में,क्या अपना नाम पढ़ोगी।
दुःख रहे , क्या साथ चलोगी।
खुश दिखूं ,क्या मन को पढ़ोगी।
गुस्सा करूं ,क्या तुम सवाल करोगी।
भरी भीड़ में, क्या मेरा जवाब बनोगी।
कोरे पन्नो पर, क्या मेरे अल्फ़ाज़ बनोगी।
करूं सवाल वो,तो क्या इज़हार करोगी।
मेरे जीवन का, क्या तुम आधार बनोगी।
अग्नि फेरो से शुरू,क्या अंतिम सफ़र तक चलोगी।
तूने अभी नहीं दुख पाए!
शूल चुभा, तू चिल्लाता है,
पाँव सिद्ध तब कहलाता है;
इतने शूल चुभें शूलों के
चुभने का पग पता न पाए।
तूने अभी नहीं दुख पाए!
बीते सुख की याद सताती?
अभी बहुत कोमल है छाती;
दुख तो वह है जिसे सहन कर
पत्थर की छाती हो जाए।
तूने अभी नहीं दुख पाए!
कंठ करुण स्वर में गाता है,
नयनों में घन घिर आता है,
पन्ना-पन्ना रंग जाता है;
लेकिन, प्यारे, दुख तो वह है,
हाथ न डोले, कंठ न बोले,
नयन मुँदे हों या पथराए।
तूने अभी नहीं दुख पाए!
-- हरिवंशराय बच्चन
“लिखने को तो मैं हज़ारों
अल्फ़ाज़ लिखना चाहता हूँ,
मेरे दिल पे जो बीती हर
वो बात लिखना चाहता हूँ,
मैं हर वो अश्क हर
वो जज़्बात लिखना चाहता हूँ,
तेरी यादें मैं बीती हर
वो रात लिखना चाहता हूँ,
अपनी आम सी जिंदगी मैं
तुझे खास लिखना चाहता हूं,
और आख़िर मैं अपने नसीब
मैं जिंदगी भर के लिए
तेरा साथ लिखना चाहता हूँ...✍️
🥀🥀🖤
"बन कर अजनबी फिर से"
लाखों ग़मो की दूरियों के बाद भी वो पास में सुकून पाते है,
पाकर सुकून फिर से वो मिलने का ख़्याल लाते है,
लाकर ख़्याल दिल में फिर से वो उन्हीं रास्तों को आते है,
आकर पुरानी रास्तों पर फिर से वो चाय की टपरी पर दीदार चाहते है
दीदार कर फिर से वो संग एक कप चाय चाहते है
पीकर संग चाय फिर से वो अजनबी से बन जाते है,
बनकर अजनबी फिर से लाखों ग़मो की दूरियों के बाद...
हमनें तारों से गुजारिश की एक रात देख कर आए उन्हें,
और बतलाए वो कैसे हैं किस तरह सोए हैं,
गए तो बहुत थे मगर लौटा सिर्फ़ एक,
मैं हैरान कि सब के सब को क्या हो गया,
क्यों नहीं लौटे, क्या हुआ,
मैं पूरी रात बैठा इंतज़ार करता रहा करता रहा,
क्या हुआ रास्ते में तबीयत खराब हो गई, कोई मिल गया या क्या हो गया..?
जो लौटा था वो उदास था,
काफी नाराज़ था,
तिलमिला कर बोला मैं भी नहीं आना चाहता था मगर,
कसम देकर भेजा गया हूं,
उनको देखकर सब देखते ही रहे देखते ही रहे देखते देखते देखते रह गए,
वो दाहिने करवट सोयीं थी,
हल्की गुलाबी टी शर्ट थी और पजामा पेंसिल कलर का था,
दाहिना हाथ नर्म गाल के नीचे अपनी खुशकिस्मती के सुकून में
मदमस्त सोया पड़ा था,
लाल धागा सा था कुछ उसी कलाई में,
हाथ दूसरा भी वहीं बेहोश था, पेट के इर्द गिर्द बहक रहा था लुढ़क रहा था,
लाल गालों को जैसे पवन चूमती थी,
छुवन से वो शायद फुदक झूमती थी,
एक बालों का गुच्छा भी लहरा रहा था,
हमारे कलेजे को वो खा रहा था,
सिर्फ सुंदर हैं कह देना अच्छा तो लगता नहीं,
पर वो अच्छी हैं बहुत ज़्यादा अच्छी हैं,
बिल्कुल वैसी जैसी होनी चाहिए,
बिल्कुल बिल्कुल वैसी ही,
कभी होठ हिलते तो दांत हमको चिढ़ाते से लगते,
नन्हे से बच्चे की हँसी जैसे लगते,
पलकें भी उनकी ज़रा नाज़ुक ही लगती थीं,
कभी बीच बीच में आँखें झलकती थी,
जैसे बिजली चमकती है सुनसान जंगल की नदियों के पानी में,
वैसे ही आँखें काली घनी थी तैयार हमको डुबाने वीरानी में,
हमनें तो दूर से देखा मगर तितलियों की नीयत पर शक हो रहा था,
जो कभी नहीं हुआ आजतक हो रहा था,
करवट बदलते ही बदली हवाएं,
घुंघरू की छन छन से गमकी फ़िज़ायें,
पांव एक पर एक चढ़ कर थे उल्टे,
करवट बदलते ही हम सब भी उल्टे,
फिर एक तकिया उन्होंने उठाया और पैरों के बीच में उसको लगाया,
शायद वो सपना कोई देखतीं थी,
रह रह कर मुस्कातीं रह रह कर घबरातीं,
और हम तो बस उनकी तरफ देखते थे,
देखते देखते ही सुबह होनें आई,
मुझे दोस्तों ने कसम फिर खिलाई,
मैं आना नहीं चाहता था मगर क्या करूं,
मैं सीधा सा तारा हूँ,
झगड़ता नहीं हूं,
इसी मेरी आदत का फायदा उठाया है,
मुझे दोस्तों ने अकेले लौटाया है..!!
"बन कर अजनबी फिर से"
रातों को मेरे वो ख़्वाब बन मुझे रिझाने आ जाते है
रिझा कर के फिर से वो नए नए सपने दिखा जाते है।
दिखा कर सपने फिर से वो यादों की बारिश में भीगा जाते है
भीगा कर ख़्वाबों में फिर से वो अधूरा छोड़ जाते है,
छोड़कर अधूरा फिर से वो रातों की नींद उड़ा ले जाते है
उड़ा कर नींद फिर से वो अजनबी बन जाते है,
बनकर अजनबी फिर से रातों को मेरे वो ख़्वाब बन...
उसकी आंखें समंदर सी गहरी है न जाने कितने राज़ छिपे हुए है उसकी आंखों में,उसका खुद पर आत्मविश्वास की हां मैं सब ठीक कर लूंगा,ऐसा नहीं कि उसमें कोई कमियां नहीं है पर खूबियां इतनी है कि कमियां दिखती ही नही,उसकी बाजुएं चट्टानों जैसी मजबूत है..जितना कठोर उतना ही कोमल भी है...♥️😚
Читать полностью…
नकारात्मक विचार
किसी भी व्यक्ति का
जीवन बर्बाद कर सकते हैं।
विचारों में सकारात्मकता रहेगी
तो मुश्किल से मुश्किल हालातों
का सामना किया जा सकता है।
सकारात्मकता की वजह
से एकाग्रता बढ़ती है,
मन शांत होता है और
काम में मन लगा रहता है।
अच्छी सोच वाले लोगों
की संगत में रहेंगे तो हमारी
सोच भी अच्छी बन सकती है।
छोड़ गए हमको वो अकेले ही राहों में,
चल दिए रहने वो औरों की पनाहों में,
शायद मेरी चाहत उन्हें रास नहीं आई,
तभी तो सिमट गए वो गैर की बाहों में❤️🩹🥀
फर्क तो बहुत पड़ता हैं
फिर भी लोगो को कहने देते हैं। 😊
हर किसी को नही समझा सकते
इसलिए अब रहने देते हैं। 🤷♂️
मोड़ नहीं सकते किस्मत को अपनी तरफ़
इसलिए वक्त के साथ खुद को बहनें देते हैं। ⏳
जवाब देने के लायक नही बने अभी हम
इसलिए ख़ुद को थोड़ी तकलीफ़ सहने देते हैं। 💪
छोटा करके देखिये जीवन का विस्तार,
आँखों भर आकाश है बाहों भर संसार..!!
-- निदा फ़ाज़ली
तुमसे नाराज होकर भी देख लिया..इस नाराजगी में तो तुम ज्यादा ही याद आते हो..♥️🙈
तुमसे बात करने का इंतजार ऐसे हो जाता है.. जैसे रात को चांद का, फूलों को तितलियो का, बादलों को बारिश का और मेरे हृदय को तुम्हारे प्रेम का...💋🙈♥️
तुमसे इश्क़ तो दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है...🙈♥️
"शरीर में कोई सुंदरता नही होती,
सुंदर होते हैं व्यक्ति के कर्म, उसके विचार, उसकी वाणी, उसका व्यवहार, उसके संस्कार और उसका चरित्र।
जिसके जीवन में ये सब है वही इंसान दुनिया का सबसे सुंदर शख्स है।"
तुम जो चले गए हो तो याद रखना,
तुमने बोझ उतारा नहीं अगले को थमा दिया है,
मैं हूं तुम्हारा कर्ज़ लिए,
तुम्हारी बेबसी का सारा भार लिए,
तुम्हारी नाकामियों को अपनें कंधे पर लादे,
कांपता,
बिलखता,
छटपटाता,
तुम्हारी हर छोटी बड़ी चीज़ों को याद करता,
सुन रहा हूं लोग तुम्हें कमज़ोर कह रहे हैं,
कह रहे हैं कि बुजदिल थे तुम,
उन्हें मालूम क्या है तुम्हारे बार में..?
कुछ नहीं जानते हैं वो गप हांकने वाले,
ये मैं जानता हूं,
कि तुम मजबूत थे,
समझदार थे,
मगर यही तुम्हारे गुण तुमको तुम्हारी असलियत से दूर ले गए,
तुम्हें रोना मना था,
दुःख दिखाने जताने बताने पर पाबंदी थी,
मैनें भी नहीं समझा तुमको,
तुम्हारे सब अपनें सिर्फ़ नाम के अपनें थे,
अब मैं ऐसा कह सकता हूं,
तुम अच्छे थे बुरे थे जैसे थे,
मेरे थे,
तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी जान लेने की,
पंखे में तुम्हें वो दिखा जो मेरे लफ्जों में मेरी आंखों में नहीं दिखा,
मैं जिम्मेदार हूं तुम्हारे उस पथराई देह का जो अब एक लोटा राख है,
हम सब जिम्मेदार हैं,
मगर याद रखो मैं तुमसे पूछूंगा वहां आकर जहां तुम गए हो,
कि जब मैं तुम्हें इस दुनियां में लाया तो तुम्हें किसने हक दिया दुनियां से अपनी मर्जी से जानें का,
मैं जवाब लूंगा तुमसे,
और अपने ईश्वर से भी,
और कहूंगा उस ईश्वर से कि आज के बाद किसी बाप को अपनें बेटे को जलाना ना पड़े,
मैं थप्पड़ मारूंगा तुम्हें एक जोर का
और दो ख़ुद को,
अपनी बेवकूफियों पर,
नासमझी पर,
मगर मैं तुम्हारे जाने के बाद ही सही तुमसे कहना चाहता हूं कि मैं तुम्हारी बदौलत था जो भी था,
अब मैं कुछ भी नहीं,
शून्य हूं,
इंतज़ार करूंगा आज से अपनी मौत का,
बेसब्री से,
जहां हो, कम से कम ये करना की ख़ुश रहना...!!
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दोस्तों !!!!!!
इस नवरात्रि मां दुर्गा आप सभी को सुख समृद्धि वैभव और ख्याति प्रदान करें।
जय माता दी... 🙏🏻🙏🏻
बोलनें की मनाही है,
हंसने पर पाबंदी है,
जो कह दे सरकार यहां,
उसे मानों या गुंडागर्दी है,
शिक्षा बिजली स्वास्थ मांगोगे,
देशद्रोही कहे जाओगे,
नौकरी की गर चाह रखोगे,
नौकर नौकर कहे जाओगे,
जो भी कोई सवाल उठेंगे,
धर्म जाति से जुड़े मिलेंगे,
टीवी पर रोज़ लड़ेंगे मुर्गे,
पत्रकार भगवान चुनेंगे,
सवाल को बवाल कहा जाएगा,
कानून बनेगा दौलत से,
तुम चुप बैठो,
कुछ मत बोलो,
पढ़ो वढ़ो तो बिल्कुल मत,
ज्ञान बढ़ाओ फिल्मों से,
इतिहास जानों नेताओं से,
भूगोल से क्या लेना देना है,
भविष्य व्हाट्सअप ग्रुप से जानों,
तुम नारा वारा लगवाओ,
इसकी उसकी बातें लेकर,
अपना नेता बढ़िया बतलाओ,
चलो बहुत देर हो गई,
बहुत हो गई ज्ञान की बातें,
खाते हैं गर मिल जाए कुछ,
सोते हैं गर छत हो तो..!!
तू गया तो पूरी रात सोए नहीं
पर देखना हम रोए नहीं।।
तुझे याद तो किया
पर तेरा इंतजार नहीं।।
तेरी बातें तो करी
पर अपनी भी सुनी।।
तू चला गया
पर देखना हमने खुद को तोड़ा भी नहीं।।
कमरे में किताबों का ढेर लगा है
मन उम्मीद में सपने सजा रहा है
महीने की तारीखें बदलती जा रही है
वक्त हाथ से रेत की तरह फिसल रहा है
परीक्षा, फॉर्म, रिजल्ट इनमें उलझे हुए
हम खुद को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं
हर बार बस एक उम्मीद कि
इस बार कुछ अच्छा होगा 'हमें रोके हुए हैं'
इस बार -----?